अरण्य कांड (नवधा भक्ति का रहस्य)

नवधा भक्ति कहउँ तोहि जाहिं। सावधान  सुनु धरु मन माहि॥ प्रथम भगति संतन्ह कर संगा। दूसरी रति मम कथा प्रसंगा ॥ गुरु पद पंकज सेवा तीसरी भगति अमान ॥ चौथी…

Continue Readingअरण्य कांड (नवधा भक्ति का रहस्य)